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FAKE RASM & MUKTI SHOWN 4.4 &5.4
MUKTI GETS VANI 6.4
Alia's hosting debut fails
Virat Kohli and Anushka Sharma's post for Dhurandhar 2!!!
Cute interaction between Ranveer and Shreya Ghoshal!!!
Most hated character in Rishtaverse
Rupali Ganguly / Anupamaa - Happy Birthday 🎉
Jio: Dhurandhar 2 grosses 1622 Crores worldwide till date!!!
Hamza Ali Mazari/Jaskirat Singh Rangi
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Anupamaa 05 - 06 Apr 2026 Written Update & Daily Discussions Thread
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तबलीगियों की गलतियों का खामियाजा पुलिस, स्वास्थ्यकर्मी व प्रदेशवासियों को नहीं भुगतने देंगे : योगी - TELESCOPE TODAY
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चीन के वुहान शहर से दुनिया भर में फैलने वाला कोरोना वायरस आपदा बनकर फैला है। WHO ने कोरोना को महामारी घोषित किया है। कोरोना की वजह से अब तक 42 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 8 लाख से अधिक लोग इसके संक्रमण से ग्रसित है। सभी देश मिलकर इस जानलेवा वायरस के लिए दवा ढूंढ रहे हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी साइंटिस्ट डॉ. जैकब ग्लानविले का कहना है कि उन्होंने कोरोना का इलाज ढ़ूंढ़ लिया है। कैलिफोर्निया में रहने वाले फिजिशियन और डिस्ट्रीब्यूटेड बायो के सीईओ डॉ. जैकब ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्होंने सार्स (Severe acute respiratory syndrome) पैदा करने वाले वायरस के खिलाफ इस्तेमाल किए गए कई एंटीबॉडीज के इस्तेमाल से ही कोरोना को खत्म कर कि दवा खोज ली है।
जैकब के मुताबिक COVID-19 की दवा बनाने के लिए उन्होंने साल 2002 में सार्स के खिलाफ इस्तेमाल किए गए 5 एंटीबॉडीज में से एख का इस्तेमाल किया है। क्यों की SARS-CoV-2 और COVID-19 एक ही फैमिली के वायरस हैं। ऐसे में ये दवा कारगर साबित हो सकती है।
साइंटिस्ट ने आगे बताया कि उन्होंने इस टीबॉडीज के लाखों वर्जन तैयार कर लिए है। बस अब इसका इंसानों पर परीक्षण करना है। परीक्षण सफल होता है तो शॉर्ट टर्म के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। ये लोगों को 10 साल तक सुरक्षा दे सकती है।💊💊💉💉
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कोरोना वायरस की रफ्तार तेजी से बढ़ती जा रही है। कोरोना ने भारत में अपनी रफ्तार दोगुनी कर दी है। तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। दिल्ली तो मानो कोरोना वायरस का केंद्र बनता जा रहा है। मंगलवार को देश में कोविड-19 के 315 नए मामले सामने आए हैं। पहली बार 24 घंटे में देश में तीन सौ से ज्यादा मामले सामने आए। एक दिन में कोरोना वायरस ने अपनी रफ्तार डबल कर ली और सोमवार के मुकाबले मंगलवार को कोरोना संक्रमण के दोगुने मामले सामने आए।
देश में कोरोना वायरस के मामले खबर लिखे जाने तक 1700 के पार पहुंच गई हैं। वहीं मौत का आंकड़ा 50 के पार हो गया है। अगर बात आंकड़ों की करें तो तीन दिनों में 626 नए मामले सामने आए हैं। देश में तेजी से फैल रहे इस वायरस की यह 40 फीसदी की बढ़ोतरी है। सबसे ज्यादा मामले दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु से आ रहे हैं। वहीं अब कोरोना वायरस से झारखंड को भी अपनी चपेट में ले लिया है। असम में भी इस वायरस ने इंट्री कर ली है।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां कोरोना वायरस के दो बड़े हॉट स्पॉट बन गए हैं। निजामुद्दीन और दिलशाद गार्डन। इन इलाकों में 24 घंटे में 23 नए मामले सामने आए। दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले 120 के पार हो गए हैं। जिनमें से 8 की ट्रैवल हिस्ट्री थी।
दिल्ली में कोरोना संक्रमण का मामला तेजी से बढ़ सकता है। दरअसल तब्लीगी जमात के 1548 लोगों में से रविवार और सोमवार को क्वॉरेंटाइन के लिए ले जाए गए 441 लोगों में इस वायरस के लक्षण चरम पर दिख रहे थे।
Why Indians are not that much affected by Corona, unlike other Nationalities ?
भारतीय इंसानों में एक विशेष प्रकार का आरएनए (रिबोन्यूक्लेइक एसिड) पाया गया है, जो कोरोना वायरस की मूल संरचना में थोड़ा बदलाव कर देता है और उससे लड़ने की कोशिश करता है। एक रिसर्च में हुए इस खुलासे में सामने आया कि कोविड-19 पहले के कोरोना परिवार के वायरस की मूल संरचना से 17 फीसदी अलग है। पांच यूरोपीय और एशियाई देशों के नागरिकों के जीनोम पर हुए इस अध्ययन से भविष्य में कोरोना की वैक्सीन बनाने में मदद मिल सकती है।
इंटरनैशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी (आइसीजीइबी), नई दिल्ली के एक वैज्ञानिक समूह द्वारा किए गए ताजा रिसर्च में सामने आया कि यह एक खास आरएनए एशियाई देशों में भी केवल भारतीयों में पाया गया है। शोध में पांच देशों इटली, अमरीका, नेपाल, चीन और भारत के लोगों में सार्स-कोविड 19 के संकलित जीनोम का अध्ययन किया गया। आइसीजीइबी के पास करीब 400 प्रकार के सार्स-कोविड 19 के जीनोम के आंकड़े उपलब्ध हैं। रिसर्च के हवाले से मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की प्राणीशास्त्र विभागाध्यक्ष डाॅ. आरती प्रसाद बताती हैं कि भारतीयों में पाया गया आरएनए कोरोना वायरस के जीन को रूपांतरित कर देता है। इससे हमारे शरीर में मौजूद रोग प्रतिरोधक क्षमता को उससे लड़ने में ज्यादा बल मिलता है। हालांकि पूरी तरह कोरोना को हराने में सक्षम नहीं है, लेकिन इस आनएनए की खोज से आगामी समय में कोरोना के खिलाफ वैक्सीन तैयार करने में मदद मिल सकती है। यह आरएनए हमारी कोरोना के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अध्ययन में चीन के उस वुहान शहर से कोविड-19 के जीनोम को शामिल किया गया है, जहां सबसे पहला केस सामने आया और दुनियाभर में महामारी फैलने का पहला बड़ा केन्द्र बना।
- क्या इसीलिए भारत में अब तक कम असरदार है कोरोना?
कोरोना अब तक भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में इतनी खतरनाक शक्ल में सामने नहीं आया है, जितना कि दुनिया के सबसे विकसित देश अमरीका, इटली, फ्रांस और चीन में तबाही मचा चुका है। भारत में अभी तक कोरोना का असर तो कम रहा ही है, बीमार हुए लोगों में ठीक होने वालों की संख्या भी संतोषजनक मानी जा रही है। तो क्या विशेष आरएनए के कारण भारतीयों पर कोरोना का असर कम है? इस सवाल के जवाब में जानकार इसे निश्चित वजह नहीं मानते, लेकिन इससे इनकार नहीं करते कि भारतीयों के जीनोम में मौजूद खास आरएनए का भी कोई योगदान हो सकता है।
- सर्दी से बीमार होने पर लगवाते हैं
यूरोपीय देशों मंे सर्दी का असर ज्यादा रहता है। वहां बुजुर्ग नागरिकों की संख्या ज्यादा है। भारत एक युवा देश है, जबकि यहां सर्दी अपेक्षाकृत कम पड़ती हैं। यूरोपीय देशों में सर्दी के कारण बीमार होने पर लोग अक्सर फ्लू शाॅट (वैक्सीन) लगवाते हैं, जिससे कि सर्दी-खांसी-जुकाम जैसे सामान्य रोगों के खिलाफ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है। वहां प्रतिवर्ष एन्फ्लुएन्जा के कारण 24 से 55 प्रतिशत तक मौत का शिकार हो जाते हैं।
- सार्स, कोरोना परिवार का तीसरा वायरस है कोविड-19
प्रो. आरतीप्रसाद बताती हैं कि कोविड-19 भी एक तरह का एन्फ्लुएन्जा है, जो कि सार्स और कोरोना की तरह ही बर्ताव करता है। तीनों ही इंसान के श्वसन-तंत्र पर हमला करते हैं। कोविड-19 कोरोना परिवार का तीसरा वायरस है, जो पहले दो के मुकाबले थोड़ा ज्यादा घातक है। यह थोड़ा ताकतवर है, आसानी से हारता नहीं है और खुद को बहुत तेजी से फैलाता है। इसमें अपनेआप को जिन्दा रखने की काबिलियत भी ज्यादा विकसित है। इसकी ऊपरी सतह के प्रोटीन में बदलाव हुआ है।
- क्यों दी जा रही गर्म पानी पीने की सलाह?
बताया गया कि कोविड-19 गले में बहुत देर तक ठहरता है तथा फिर फेफड़े में उतर जाता है। इसीलिए सलाह दी जाती है कि अधिकाधिक गर्म पानी पीएं, जिससे इस वायरस पेट में चले जाने की गुंजाइश बढ़ जाती है। पेट में जाने से इसे हमारा पाचन-तंत्र पचा लेगा और मौत से बचा जा सकता है।
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British cigarette giant claims it has developed a coronavirus vaccine
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I really miss seeing my parents but it is safer at the moment to stay apart from each other!
India all medical resources will be spend on markaz what others going to get ...
Originally posted by: tabby999
India all medical resources will be spend on markaz what others going to get ...
Yaah I agree and lesser the said is the better, and I also restrict myself from posting any vdos or more materials on that issue @ what is going on around,... for Intentional Corona spread.. , as ADMs not only deletes those posts, but gives ya, da Red-Meter warnings !
Lucky we Indians are, and God has truly saved us from this havoc,.. and the reason being,.
Our own very special DNA-RNA and the BCG tikka that for every Indian, it's compulsory at infant-hood, and that has saves us from many diseases,..
Having lived in US, the proper Americas have to take Flue shots every year almost necessarily in its peak season, and docs, pharmacies and everyone all over forces other people,.. but we and many Indians I know, never needed,.. as we are good at fighting Influenza in general due to our BCG shots, in early childhoods,..
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^^ Excerpt from below page,..
Hi All, First off, a huge thank you to each one of you! Your active participation and enthusiasm continue to shape our community into a vibrant...
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